सपा के मजबूत किले में क्या इस बार सेंध लगा पाएंगे धनजंय सिंह

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सपा के मजबूत किले में क्या इस बार सेंध लगा पाएंगे धनजंय सिंह
विधानसभा मल्हनी

ओपी पाण्डेय

जौनपुर,मल्‍हनी विधानसभा सीट सपा की मजबूत गढ़ मानी जाती है. सपा के दिग्गज नेता पारसनाथ यादव ने 2012 और 17 के चुनाव में यहां जीत हासिल की थी. पारसनाथ के निधन के बाद हुए उपचुनाव में उनके पुत्र लकी यादव विधायक चुने गए. बाहुबली नेता और पूर्व सांसद धनंजय सिंह का भी इस सीट पर प्रभाव है. हालांकि उन्‍हें बार-बार हार का सामना करना पड़ रहा है. 2008 के परिसीमन के बाद यह सीट अस्‍तित्‍व में आई थी. इससे पहले इसे रारी विधानसभा सीट के नाम से जाना जाता था.2012 के विधानसभा चुनाव में पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्‍नी जागृति सिंह ने निर्दलीय किस्‍मत आजमाया था. तब धनंजय और जागृति का तलाक नहीं हुआ था. 50100 वोट लेकर जागृति दूसरे नंबर पर थीं. पारसनाथ यादव को 81602 वोट मिले थे. 2017 में पारसनाथ को टक्‍कर देने खुद धनंजय सिंह निषाद पार्टी के टिकट से उतरे लेकिन इस बार भी उन्‍हें 21210 वोट से हार का सामना करना पड़ा था.2020 का उपचुनावपारसनाथ यादव के निधन के बाद हुए उपचुनाव में उनके बेटे लकी यादव को 73468 वोट मिले थे. निर्दलीय प्रत्‍याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे धनंजय सिंह 68836 वोट लेकर दूसरे स्‍थान पर थे. वह चार हजार से अधिक वोटों से हारे थे. भाजपा के मनोज सिंह को कुल 28840 वोट मिले थे.जातीय समीकरणसाढ़े तीन लाख से अधिक मतदाताओं वाली मल्‍हनी विधानसभा सीट पर जातिगत समीकरण समाजवादी पार्टी के पक्ष में हैं. यहां यादव वोटर करीब 90 हजार है. दलित 60 हजार, क्षत्रिय 45 हजार और मुस्‍लिम वोटर की संख्या करीब 24 हजार है.