इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में चिपकाए VC की फोटो और डिजिटल पेमेंट क्यूआर कोड वाले पोस्टर, लिखा है- पे मनी टेक जॉब

लंबे समय से अशांत इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर में शुक्रवार सुबह पहुंचे छात्रों को जगह-जगह दीवारों पर डिजिटल पेमेंट क्यूआर कोड वाले पोस्टर लगे दिखे। इसमें कुलपति कुलसचिव वित्त अधिकारी राज्य विश्वविद्यालय के जनंसपर्क अधिकारी सहित कई प्रोफेसरों के फोटो थे। इसपे लिखा था- पे मनी टेक जाब।

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में चिपकाए VC की फोटो और डिजिटल पेमेंट क्यूआर कोड वाले पोस्टर, लिखा है- पे मनी टेक जॉब
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में चिपकाए VC की फोटो और डिजिटल पेमेंट क्यूआर कोड वाले पोस्टर, लिखा है- पे मनी टेक जॉब

प्रयागराज : फीस बढ़ोतरी विरोधी आंदोलन की वजह से  लंबे समय से अशांत इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर में शुक्रवार सुबह पहुंचे छात्रों को जगह-जगह दीवारों पर डिजिटल पेमेंट एप के क्यूआर कोड वाले पोस्टर लगे दिखे। इसमें कुलपति, कुलसचिव, वित्त अधिकारी, राज्य विश्वविद्यालय के जनंसपर्क अधिकारी सहित कई प्रोफेसरों के फोटो थे।

वायरल हुए तो पोस्टर हटाने का काम शुरू

इन पर लिखा था पे मनी टेक जाब। थोड़ी ही देर में इन पोस्टर की फोटो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने लगी। इसके बाद जाकर इवि प्रशासन की नींद खुली और पोस्टरों को दीवारों से हटाने का काम शुरू हुआ।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में इन दिनों कई विभागों में शिक्षकाें की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। साथ ही छह नवंबर को गैर शैक्षणिक ए व बी वर्ग की भर्ती परीक्षा होनी है। गैर शैक्षणिक पदों पर होने वाली परीक्षा को लेकर छात्र पहले ही विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन दे चुके हैं। इस बीच शरारती तत्वों ने दीवारों पर यूपीआइ पेमेंट ऐप के क्यूआर कोड पर फोन नंबर और नाम के साथ फोटो वाले पोस्टर इवि परिसर में चस्पा कर दिए।

सुबह जैसे ही विश्वविद्यालय खुला तो छात्रसंघ भवन वाले छात्र पर छात्रों ने जगह-जगह पोस्टर चिपके देखे। कुछ पोस्टर अंदर भी चस्पा किए गए थे। छात्रों ने इसकी फोटो लेकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करना शुरू कर दिया और कुछ ही देर में यह फोटो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर फैल गया।

पीआरओ का है यह कहना :

इलाहाबाद विश्वविद्यालय की जनसंपर्क अधिकारी डा. जया कपूर ने बताया कि विश्वविद्यालय में नियुक्तियों की प्रक्रिया चल रही है। ये प्रकरण स्पष्टतः इसी प्रक्रिया को बधित करने और प्रक्रिया से जुड़े लोगों को बदनाम करने का प्रयास है। इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन उचित कार्यवाही कर रहा है। विश्वविद्यालय को अकादमिक एवं संरचनात्मक रूप से सुदृढ़ करने के कुलपति के प्रयास में निहित स्वार्थ में लिप्त तत्व लगातार व्यवधान उत्पन्न करने की कोशिश कर रहे हैं जो निंदनीय है। नियुक्तियों की प्रक्रिया बाधित करने की कोशिश करने के प्रयास पहले भी किये गए हैं जबकि यह प्रक्रिया पूर्णतः निष्पक्ष एवं नियमानुसार संपन्न करवाई जा रही है।