गंगा महोत्सव: पहली शाम बनारसी कलाकारों के नाम, नृत्य और संगीत के महोत्सव की आज से शुरुआत

वाराणसी में तीन दिवसीय गंगा महोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पहली निशा पर पांच नवंबर को शास्त्रीय नृत्य व गायन की प्रस्तुति होगी। कथक कलाकार रूबी मिश्रा की प्रस्तुति के बाद बांसुरी वादक सम्यक पराशरी प्रस्तुति देंगे। इसके बाद शास्त्रीय गायक राजीव कुमार मलिक, कथक कलाकार विशाल कृष्ण मंच संभालेंगे। गायन रोहित मिश्रा और असम की कलाकार कृष्णाक्षी कश्यप नृत्य की प्रस्तुति देंगी।

गंगा महोत्सव: पहली शाम बनारसी कलाकारों के नाम, नृत्य और संगीत के महोत्सव की आज से शुरुआत

राजघाट पर तीन दिवसीय गंगा महोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आगाज पांच नवंबर की शाम शंखनाद और शहनाई वादन से होगा। इसके बाद शास्त्रीय संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों से गंगा तट गुलजार होगा। 

पहली निशा पर पांच नवंबर को शास्त्रीय नृत्य व गायन की प्रस्तुति होगी। कथक कलाकार रूबी मिश्रा की प्रस्तुति के बाद बांसुरी वादक सम्यक पराशरी प्रस्तुति देंगे। इसके बाद शास्त्रीय गायक राजीव कुमार मलिक, कथक कलाकार विशाल कृष्ण मंच संभालेंगे। गायन रोहित मिश्रा और असम की कलाकार कृष्णाक्षी कश्यप नृत्य की प्रस्तुति देंगी। 

छह नवंबर को प्रियंबदा तिवारी भरतनाट्यम, पुंडलिक कृष्ण भागवत का तबला वादन, डॉ. कुमार अंबरीश चंचल का शास्त्रीय गायन, विदुषी कमला शंकर का सितार, पं. गणेश मिश्र का उप शास्त्रीय गायन, अमलेश शुक्ल के भजनों की प्रस्तुति होगी। 
नमामि गंगे की ओर से स्वच्छता का संदेश देती नृत्य नाटिका का मंचन होगा। अंतिम निशा पर पार्श्व गायिका हर्षदीप कौर की प्रस्तुतियां हाेंगी। इसके बाद दरभंगा घराने के लिए शास्त्रीय गायक निलेश और निकेश कुमार की प्रस्तुति होगी।