तानाशाह का पर्याय बनीं उन्नाव की डीएम

तानाशाह का पर्याय बनीं उन्नाव की डीएम
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 कृष्णानन्द शर्मा(राज्य ब्यूरो) उत्तर प्रदेश

लखनऊ,उ०प्र०, फतेहपुर में वायरल पत्र में खुद की लापरवाही उजागर होने पर एक मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को सस्पेंड कराने,बिजली विभाग के एक बड़े अफ़सर के खिलाफ पत्र लिखकर सुर्खिया बटोरने में महारथ रखने वाली उन्नाव की चर्चित जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे एक बार फिर सुर्खियों में है...अपने अधीनस्थों के खिलाफ तानाशाही करते करते मैडम इस कदर बेलगाम हो चुकी हैं कि अपने समकक्ष अधिकारी को भी अपनी उंगलियों पर नचाने के लिए जांच बैठा दी और जांच भी एक जूनियर अफसर को थमा दी....दरअसल एक प्रार्थना पत्र के आधार पर 2013 बैच की IFS अफसर उन्नाव की DFO के खिलाफ जांच बैठा दी, हैरानी की बात तो ये है कि उसकी जांच जूनियर IAS अफ़सर CDO उन्नाव दिव्यांशु पटेल को दे दी...जिसके बाद IFS अफ़सर का पारा चढ़ गया और उन्होंने मुख्य वन संरक्षक उत्तर प्रदेश को पत्र लिखकर IAS अपूर्वा दुबे की सनक के बारे में बताया कि किस तरह बिना किसी शपथ पत्र के एक IFS अफसर को निशाना बनाया जा रहा है,वहीं पत्र लखनऊ पहुँचते ही सचिवालय से लेकर लोकभवन तक हलचल मच गई और IFS एसोसियेशन ने IAS अपूर्वा के इस फैसले के खिलाफ लामबंद हो गए, वहीं राजधानी में उठे IAS बनाम IFS के इस तूफान की हलचल कालिदास मार्ग तक पहुँचने की सूचना है....दरअसल IAS अपूर्वा दुबे का ये पहला किस्सा नहीं जिसने लखनऊ में हलचल मचा रखी है, अमेठी जिले के इनके किस्से आज भी लोकभवन के गलियारों में अधिकारी चटकारे लेकर सुनते और सुनाते हैं....वहीं अखिल भारतीय स्तर पर भी अब IFS एसोसियेशन ने इस मुद्दे को उठाने की ठान ली है जिसके बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा के इन तानाशाही अधिकारियों की वजह से योगी सरकार की फजीहत हो रही है,लेकिन अब मुख्यमंत्री के करीबी अफ़सरो की नजरें टेढ़ी हो गई है, अब देखने वाली बात ये होगी कि बेलगाम अफ़सरो पर नकेल डालने वाले मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ मैडम पर कब एक्शन लेगें!